वनौषधियों के संरक्षण और आदिवासी समाज के पारंपरिक ज्ञान के उपयोग पर राष्ट्रपति ने दिए सुझाव
नई दिल्ली। राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के अध्यक्ष पद्मश्री एवं पद्मभूषण वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा के नेतृत्व में आयुर्वेद विशेषज्ञों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। दीपावली के अवसर पर हुई इस भेंट में आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान एवं वैश्विक स्तर पर इसके प्रचार-प्रसार पर चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल में आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा, अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के अध्यक्ष वैद्य राकेश अमरनाथ शर्मा, महाराष्ट्र आयुर्वेद सम्मेलन की महामंत्री वैद्या ऋजुता ओमप्रकाश दुबे, पूर्व आयुष सलाहकार वैद्य मनोज नेसरी, धूतपापेश्वर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रणजीत आनंद पुराणिक तथा वैद्य ताराचंद शर्मा सहित अन्य विद्वान शामिल थे।
राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि आयुर्वेद विशेषज्ञ जंगलों में जाकर आदिवासी एवं वनवासी समाज के पारंपरिक औषधीय ज्ञान का संकलन करें। साथ ही वनौषधियों का संरक्षण, संवर्धन और उत्पादन बढ़ाकर उनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औषधीय उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इससे विश्व को आयुर्वेद का लाभ मिलने के साथ ही आदिवासी समाज के रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के सुझावों का स्वागत करते हुए इस दिशा में शीघ्र पहल करने का संकल्प लिया। उल्लेखनीय है कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्य वैद्य राकेश शर्मा एवं वैद्या ऋजुता दुबे मुंबई के चर्नी रोड स्थित मित्तल आयुर्वेद महाविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी हैं।
