मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के माध्यम से आयोजित ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ नामक बहुराज्यीय नवाचार प्रतियोगिता को विद्यार्थियों, युवाओं, नवउद्यमियों और शोधकर्ताओं का अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला है। 31 अक्टूबर की मध्यरात्रि को प्रतियोगिता की आवेदन प्रक्रिया समाप्त हो गई है। इस प्रतियोगिता के लिए कुल 1 लाख 7 हजार 603 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। युवाओं के नवाचारों को मंच उपलब्ध कराने वाली इस प्रतियोगिता ने विश्व रिकॉर्ड बनाया है, ऐसी जानकारी कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने दी। महाराष्ट्र, गोवा, छत्तीसगढ़ तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव इन केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल करने वाले महाराष्ट्र ज़ोन से इस प्रतियोगिता के लिए 1 लाख 7 हजार 603 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें 79 हजार 162 टीमों ने भाग लिया है, जबकि 32 हजार 298 प्रतिभागियों ने अपनी प्रोफाइल पूरी की है। इसके अलावा, 6 हजार 192 महिलाओं और 18 वर्ष से कम आयु के 4 हजार 549 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। सामान्य वर्ग से 21 हजार 550 प्रतिभागियों ने सहभागिता दर्ज कराई है तथा प्रतिभागियों द्वारा कुल 16 हजार 57 नवाचारपूर्ण अवधारणाएं प्रस्तुत की गई हैं।इस प्रतियोगिता के माध्यम से कृषि, कानून एवं व्यवस्था, महिला एवं बाल कल्याण, शहरी विकास, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं, रक्षा, सतत विकास (ऊर्जा, जलवायु एवं संबंधित क्षेत्र), बुनियादी ढांचा एवं परिवहन, उभरती प्रौद्योगिकियां (कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लॉकचेन एवं अन्य तकनीकें) तथा शिक्षा एवं रोजगार क्षमता जैसे 10 प्रमुख क्षेत्रों की समस्याओं के लिए नवाचारपूर्ण समाधान खोजे जाएंगे। प्रत्येक प्रमुख क्षेत्र के अंतर्गत पांच उपक्षेत्र शामिल हैं। इस प्रकार कुल 50 उपक्षेत्रों में से विजेताओं का चयन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के 50 विजेताओं को प्रत्येक को 10 लाख रुपये के कार्यादेश प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए कुल 5 करोड़ रुपये की निधि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे युवाओं के विचार केवल पुरस्कारों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें वास्तविक रूप से लागू करने का अवसर भी मिलेगा। युवाओं की रचनात्मकता को उचित मंच प्रदान करने, नवउद्यमियों को प्रोत्साहित करने और समाजोपयोगी नवाचारों के क्रियान्वयन को गति देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है, ऐसी जानकारी कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने दी। उन्होंने कहा कि ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ को मिला उत्साहजनक प्रतिसाद युवाओं की रचनात्मकता और उद्यमशील क्षमता का प्रमाण है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के मार्गदर्शन में और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र को देश की ‘इनोवेशन कैपिटल’ बनाने की दिशा में हम कार्यरत हैं। इस प्रतियोगिता के 50 विजेताओं को प्रत्येक को 10 लाख रुपये के कार्यादेश, इस प्रकार कुल 5 करोड़ रुपये के कार्यादेश प्रदान किए जाएंगे। युवाओं के विचारों को आर्थिक सहयोग देकर उनके वास्तविक क्रियान्वयन का अवसर उपलब्ध कराना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी और नवाचारकर्ता बनें, इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ ने रचा विश्व रिकॉर्ड; 1.07 लाख से अधिक प्रतिभागियों का पंजीकरण
