मुंबई। देश की युवा शक्ति को रोजगार के लिए सक्षम बनाने हेतु शिक्षा के साथ कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार का समन्वय आवश्यक है। केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बदलती तकनीक के अनुसार (एआई, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग) लगातार ‘अपस्किलिंग’ और नए कौशल को आत्मसात करना समय की आवश्यकता है। दुनिया के 28 से अधिक देशों में मानव संसाधन की बड़ी मांग है और महाराष्ट्र के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयासरत है, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा। श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरेसी (एसएनडीटी) महिला विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग की ओर से ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय महारोजगार मेले’ का आज कोंकण और नासिक संभाग के सभी जिलों में ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बोल रहे थे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वीडियो संदेश के माध्यम से रोजगार मेले को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों सहीदा परमानिक को क्रेवा कैपिटल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, बेलापुर तथा कांती शंभू चव्हाण को क्रेवा कैपिटल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, कुर्ला की ओर से नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 25 वर्ष पूर्ण होने की पृष्ठभूमि में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत इस रोजगार मेले का आयोजन किया गया है। इस मेले के माध्यम से कोंकण और नासिक संभाग के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, ऐसी आशा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार की त्रिसूत्री अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानव दर्शन’ का विचार समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास को सुनिश्चित करने वाला है। इसी विचार के आधार पर सरकार का कामकाज चल रहा है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देश में शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और मानव संसाधन का निर्माण सबसे महत्वपूर्ण विषय है, जिसके आधार पर हम 2047 का विकसित भारत तैयार कर सकेंगे। गरीबी मुक्त, बेरोजगारी मुक्त और रोगमुक्त भारत हमारा सपना है। इस सपने की ओर आगे बढ़ने के लिए वास्तव में शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार की त्रिसूत्री के आधार पर हमें यह व्यवस्था खड़ी करनी होगी। आज देश की 65 प्रतिशत आबादी कार्यक्षम युवा शक्ति है। एक ओर उद्यमियों को कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है, तो दूसरी ओर युवाओं को रोजगार की जरूरत है। इन दोनों को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी के रूप में रोजगार मेले कार्य कर रहे हैं। बदलती तकनीक के अनुसार युवाओं को लगातार नए कौशल आत्मसात करने चाहिए। रोजगार देने वाले और रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं के बीच सेतु के रूप में रोजगार मेले महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आज महाराष्ट्र की दृष्टि से एक ऐतिहासिक दिन है। कोंकण और नासिक संभाग में 418 स्थानों पर एक साथ रोजगार मेले आयोजित किए गए हैं और एक लाख से अधिक युवक-युवतियां इस पहल से जुड़े हैं। यह केवल 418 रोजगार मेलों का आयोजन नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की युवा शक्ति को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की व्यापक संकल्पना की शुरुआत है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानव दर्शन’ के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। इसी विचार के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह जानकारी कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने दी।
मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने आगे कहा कि, आज रोजगार महाकुंभ की शुरुआत हुई है; यह अंत नहीं है। महाराष्ट्र के प्रत्येक युवक-युवती को रोजगार या स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने तक हमारे प्रयास जारी रहेंगे। महाराष्ट्र की युवा शक्ति को कौशल, अवसर और रोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में इस बार केवल आईटीआई के विद्यार्थियों तक सीमित न रहते हुए सभी स्तरों के युवाओं के लिए प्रत्येक तहसील में कम से कम तीन छोटे रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं। केवल मेले आयोजित करने तक सीमित न रहते हुए विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त हो, इसके लिए 7 दिनों का नि:शुल्क पूर्व-रोजगार प्रशिक्षण दिया गया है और अब तक 61 हजार युवक-युवतियों ने यह प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस मेले के लिए एक लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है और कम से कम 70 प्रतिशत युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने तक हम नहीं रुकेंगे, ऐसा भी उन्होंने कहा।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग कौशल विकास विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहा है, ताकि जितने अधिक स्नातक युवा शिक्षा पूरी करके बाहर निकलें, उतने ही अधिक रोजगार के मार्ग भी निर्मित हों। यह जानकारी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने दी। वहीं, विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि, महाराष्ट्र ने आज एशिया के अग्रणी निवेश केंद्र और देश की ‘स्टार्टअप कैपिटल’ के रूप में अपनी पहचान बनाई है। युवाओं को केवल राज्य में ही नहीं, बल्कि दुनिया में कहीं भी रोजगार के अवसर मिलने पर उन्हें आवश्यक भाषा एवं कौशल प्रशिक्षण देकर विदेश भेजने की तैयारी सरकार ने की है।
इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री कु. अदिति तटकरे, अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरेसी महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. हेमलता बागला, रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अपूर्वा पालकर, महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा आयुक्त डॉ. अमित सैनी, मुंबई शहर की जिलाधिकारी आंचल गोयल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा राज्यभर से ऑनलाइन और प्रत्यक्ष माध्यम से हजारों विद्यार्थी उपस्थित थे।
कोंकण और नासिक संभाग में 400 से अधिक रोजगार मेले
कोंकण और नासिक संभाग के 12 जिलों में रोजगार मेले आयोजित किए गए हैं। अब तक 1,500 से अधिक उद्यमी नियोक्ताओं और एक लाख से अधिक रोजगार इच्छुक युवक-युवतियों ने रोजगार महाकुंभ के लिए पंजीकरण कराया है। सहभागी उद्यमियों की ओर से 25,000 से अधिक रोजगार के अवसरों एवं रिक्त पदों की मांग दर्ज की गई है। जिला स्तर पर शैक्षणिक संस्थानों, महाविद्यालयों, सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य संस्थाओं के समन्वय से उम्मीदवारों और नियोक्ताओं के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। जिला प्रशासन, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, उद्योग विभाग, विपणन विभाग, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल, विश्वविद्यालयों और औद्योगिक संगठनों का सहयोग प्राप्त हुआ।
महिलाओं की रोजगार भागीदारी को विशेष प्रोत्साहन
महिलाओं की रोजगार भागीदारी को विशेष प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से महिलाओं के लिए स्वतंत्र विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया गया था। यह मेला विशेष रूप से रोजगार की इच्छुक महिलाओं के लिए आयोजित किया गया। महिलाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों, कंपनियों और सेवा क्षेत्र की आस्थापनाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की गई है। विभिन्न 36 उद्यमियों ने इसमें सहभागिता दर्ज की है। स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न सरकारी महामंडलों की योजनाओं की जानकारी देने वाले स्टॉल भी उपलब्ध कराए गए हैं।
