मुंबई। केंद्रीय कौशल विकास विभाग की ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ नामक बहुराज्यीय नवाचार प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के माध्यम से महाराष्ट्र में भी इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। आवेदन प्रक्रिया २१ सितंबर से शुरू हो चुकी है और १७ अक्टूबर २०२६ तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
इस प्रतियोगिता में नवप्रवर्तक, विद्यार्थी, विद्यार्थी समूह, शोधकर्ता, प्राध्यापक, स्टार्टअप्स, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), कंपनियां, सामाजिक संस्थाएं, शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थाएं तथा अन्य नवाचार टीमें भाग ले सकती हैं। इस चैलेंज के माध्यम से स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को कृषि, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, शहरी विकास, पर्यावरण, रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षा और रोजगार क्षमता जैसे विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं को समझने तथा उनके रचनात्मक समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में भाग लेने के लिए कोई आयु सीमा नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति की रचनात्मकता को अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों के नवाचारों के लिए यह राज्यस्तरीय मंच उपलब्ध है और हमारी इच्छा है कि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी इसमें भाग लें। आदरणीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए हम काम कर रहे हैं,” ऐसा मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा।
मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया कि ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के लिए महाराष्ट्र से अब तक तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों और युवक-युवतियों ने पंजीकरण किया है। वहीं, गोवा, दीव-दमण और छत्तीसगढ़ से छह हजार से अधिक विद्यार्थियों और युवक-युवतियों ने इस प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण किया है। विशेष बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों और युवक-युवतियों का भी उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिल रहा है। नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से अपने विचारों को साकार करने के लिए उनकी भागीदारी बढ़ रही है।
इस प्रतियोगिता के लिए विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक प्रतिभागी https://sevainnovationchallenge.in/ पर जाकर या क्यूआर कोड स्कैन करके अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर सकते हैं। पोर्टल पर पहले चरण में पंजीकरण के लिए आवश्यक जानकारी देनी होगी। दूसरे चरण में प्रोजेक्ट प्रस्तुत करते समय प्रतिभागियों को आधार से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी और प्रोजेक्ट का विवरण देना होगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। प्रतिभागियों की शंकाओं के समाधान के लिए वेबसाइट पर चैटबॉट की सुविधा भी उपलब्ध है।
आज मंत्रालय में कौशल विकास विभाग ने सृजन ट्रस्ट, पुणे और विज्ञान भारती कोंकण प्रांत के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। मंत्री लोढ़ा ने विश्वास व्यक्त किया कि इन संस्थाओं के सहयोग से प्रतियोगिता में युवाओं के पंजीकरण का विश्व रिकॉर्ड बनेगा।
इन समझौता ज्ञापनों के माध्यम से ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ की जानकारी अधिक से अधिक युवक-युवतियों तक पहुंचाई जाएगी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उनकी अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सृजन ट्रस्ट, पुणे और विज्ञान भारती कोंकण प्रांत सहयोग करेंगे।
विज्ञान भारती कोंकण प्रांत की ओर से विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने और प्रतियोगिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। सृजन ट्रस्ट के माध्यम से प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार कर युवक-युवतियों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। सृजन ट्रस्ट हर वर्ष ‘डिपेक्स’ उपक्रम के माध्यम से नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के लिए सम्मेलन आयोजित करता है। इस उपक्रम के कारण ट्रस्ट बड़ी संख्या में नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में सक्रिय युवक-युवतियों के संपर्क में है। इस अवसर पर सृजन ट्रस्ट के न्यासी दीपक मुकादम, महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अपूर्वा पालकर, सृजन ट्रस्ट के डॉ. अमित नेहते सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए कौशल विकास विभाग तैयार! ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ को युवाओं का उत्साहपूर्ण प्रतिसाद
