मुंबई। मुंबई में आयोजित सामूहिक रथयात्रा महोत्सव ’26 में जैन समाज की एकता, आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भव्य दर्शन हुआ। मुंबई के 200 से अधिक संघों की सहभागिता से निकली इस विशाल रथयात्रा में 9 इन्द्रध्वज, 9 परमात्मा रथ, 500 से अधिक श्रमण-श्रवणी भगवंत, 50 से अधिक युवा मंडल, 100 से अधिक श्राविका मंडल, 24 यक्ष-यक्षिणी, 16 विद्यादेवी, 56 दिक्कुमारियाँ, जैन बैंड तथा देश के विभिन्न प्रांतों की संस्कृति को दर्शाती अनेक मनमोहक झांकियाँ प्रमुख आकर्षण रहीं। विद्यालयों के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भगवान महावीर के जीवन एवं संदेश पर आधारित झांकियों ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ाजी सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं विशिष्टजन उपस्थित थे। इस अवसर पर मंजू लोढ़ा ने कहा कि महाराज साहेबजी के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन से ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि यह रथयात्रा केवल आस्था का उत्सव नहीं, बल्कि जैन समाज की एकता, संस्कार और सेवा भावना का जीवंत प्रतीक है।श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा को ध्यान में रखते हुए लोढ़ा फाउंडेशन की ओर से रथयात्रा के दौरान पानी और शक़्क़र पानी का वितरण किया गया। गर्मी के बीच यह सेवा श्रद्धालुओं के लिए राहत का माध्यम बनी। मंजू लोढ़ा ने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और किसी भी धार्मिक आयोजन की सुंदरता तब और बढ़ जाती है, जब उसमें सेवा का भाव जुड़ता है।
सामूहिक रथयात्रा महोत्सव ने दिया एकता, संस्कार और सेवा का संदेश
