एनबीडी मुंबई,
कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए बस्तर के डॉ.राजाराम त्रिपाठी को वर्ष 2026 का वाग्धारा जीवन गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा। फ़िल्म अभिनेता रज़ा मुराद और सचिन खेड़ेकर को वाग्धारा नवरत्न सम्मान दिया जाएगा। तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल आगामी 4 जुलाई को मुंबई में वाग्धारा व भारत एक्सप्रेस द्वारा आयोजित भव्य समारोह में यह सम्मान प्रदान करेंगे। भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय समारोह के विशिष्ट अतिथि होंगे। वाग्धारा के अध्यक्ष डॉ.वागीश सारस्वत ने उक्त घोषणा की है। उन्होंने बताया कि ज्योतिष विज्ञान व संस्कृत के विद्वान तथा श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी को इस वर्ष का डॉ. शंकरलाल सारस्वत स्मृति वाग्धारा सम्मान प्रदान किया जाएगा। पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक को नेत्रपाल सिंह स्मृति रेल सेवा सम्मान तथा मुंबई की नीता बाजपेई को संध्या पांडेय स्मृति वाग्धारा सम्मान प्रदान किया जाएगा। वरिष्ठ अभिनेता रज़ा मुराद को फ़िल्म, हिंदी और मराठी फ़िल्मों व नाट्य अभिनय में समान रूप से सक्रिय व लोकप्रिय सचिन खेड़ेकर को रंगमंच,गोंडा के शिवपूजन शुक्ल को लोककला,पुणे के डॉ.सदानंद भोसले को शिक्षा,दिल्ली की डॉ.स्मृति त्रिपाठी को संगीत,बीजापुर कर्नाटक के डॉ.नामदेव गौडा को भाषा सेतु,दतिया मध्यप्रदेश के डॉ.आलोक सोनी को समाज सेवा, वसई महाराष्ट्र के वरिष्ठ पत्रकार मृत्युंजय बोस को पत्रकारिता और फ़ैमिली कोर्ट मुंबई की पूर्व न्यायाधीश श्रीमती स्वाति चौहान को मानव कल्याण के लिए वाग्धारा नवरत्न सम्मान प्रदान किया जाएगा। विख्यात फ़िल्म कला निर्देशक जयंत देशमुख की अध्यक्षता में वरिष्ठ पत्रकार विमल मिश्र,नरेंद्र कोठेकर,ओमप्रकाश तिवारी,गीतकार अरविंद शर्मा राही, नृत्यांगना दुर्गेश्वरी सिंह,टेरोकार्ड रीडर आरती राजदान, कवयित्री नंदिता माजी शर्मा,अवधेश कुमार पांडेय,मनीषा जोशी,अभिनेता रवि यादव और एडवोकेट भार्गव तिवारी की निर्णायक समिति ने वाग्धारा सम्मान के लिए देश भर में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों के नामों का चयन किया। वाग्धारा सम्मान समारोह का इस वर्ष दसवाँ पड़ाव है। डॉ.वागीश सारस्वत ने बताया कि वाग्धारा का सफ़र 10 अक्टूबर 1985 को प्रारंभ हुआ था।साहित्य और संस्कृति के उत्थान के मकसद से वाग्धारा की स्थापना की गई। बहुत कम समय में वाग्धारा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली।जनवरी 1990 में वाग्धारा ने उद्गार पत्रिका का प्रकाशन प्रारम्भ किया था।उद्गार पत्रिका के पहले अंक से ही लघुपत्रिका के क्षेत्र में स्थापित हो गई। वर्ष 2004 में वाग्धारा ने मुंबई में होली का आयोजन प्रारंभ किया जिसमें फ़िल्म उद्योग के कलाकार बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे। वर्ष 2016 तक लगातार पवई में वाग्धारा का होली समारोह आयोजित किया जाता रहा।समाचार चैनलों पर लाइव दिखाए जाने के कारण वाग्धारा की होली देश भर में मशहूर हो गई। 2007 के दशहरा से साप्ताहिक समाचार पत्र वाग्धारा का प्रकाशन भी शुरू किया गया। 2017 से राष्ट्रीय स्तर पर वाग्धारा सम्मान समारोह का सिलसिला चल रहा है। समाजसेवा, शिक्षा, सिनेमा, चिकित्सा, रंगमंच, नृत्य और संगीत आदि नौ क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को राज्यपाल के करकमलों से सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष वाग्धारा सम्मान का दसवाँ संस्करण आयोजित किया जा रहा है जिसमें तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की गरिमामई उपस्थिति सम्मानमूर्तियों को गौरवान्वित करेगी। इसके साथ ही वाग्धारा की ओर से विविध विषयों पर सेमिनार व महोत्सव भी आयोजित किए जाते रहे हैं। गोवा व्यंग्य महोत्सव,मुंबई व्यंग्य महोत्सव तथा कला महोत्सव विशेष रूप से चर्चित आयोजन रहे हैं।
