राम कथा श्रवण करने मात्र से ही सारी व्यथा दूर हो जाती है : रामायणी जी महाराज

जौनपुर । क्षेत्र के कपूरपुर में आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन श्रीराम के बाल लीला का किया गया बखान राम कथा श्रवण करने से सारी व्यथा दूर हो जाती है । कथा व्यास से बोलते हुए रामाश्रय रामायणी जी महाराज ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने भगवान श्रीराम की बाल लीला का बखान किया. राम कथा के दौरान उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम का जन्म अवध नरेश राजा दशरथ के यहां हुआ. श्रीराम के सभी अंग अत्यंत सुंदर थे. उनको देखते ही मन लुभा जाता था. राजा दशरथ व रानी कौशल्या के प्रेम में वशीभूत होकर श्रीराम पवित्र बाल लीला करते थे. कथा के क्रम में उन्होंने कहा कि एक बार माता कौशल्या ने श्रीराम को स्नान एवं श्रृंगार कर झूला पर सुला दिया व स्वयं स्नान कर अपने कुलदेव की पूजा कर नैवेद्य भोग लगाकर पाक गृह गयी. जब वह वापस लौट कर पूजा स्थल पर आयी तो उन्होंने देखा कि देवता को चढ़ाए गये नैवेद्य शिशुरूपी भगवान राम भोजन कर रहे हैं. जब उन्होंने झूला पर जाकर देखा तो वहां भी उन्होंने श्रीराम को झूले पर सोते पाया. इस तरह पूजा स्थल एवं झूला के पास उन्होंने कई चक्कर लगाया. दोनों जगह पर उन्होंने श्रीराम को पाया. इस दृश्य को देखकर माता कौशल्या डर गयी व कांपने लगी. माता की अवस्था देख श्रीराम ने माता को अपना अद्भुत रूप दिखाया. उन्होंने दिखाया कि उनके एक-एक रोम में करोड़ों ब्रह्मांड लगे हुए हैं. भगवान का विराट रूप देखकर कौशल्या माता प्रफुल्लित हो गयी एवं आंखें मूंदकर भगवान के चरणों पर गिर पड़ी. भगवान श्रीराम ने माता को बहुत समझाया एवं कहा कि हे माता यह बात आप किसी से ना कहेंगी. उन्होंने कहा कि कथा श्रवण करने से मनुष्य की सारी व्यथा दूर हो जाती है. सुख समृद्धि एवं शांति मिलती. राम कथा सुनने को लेकर काफी संख्या में भक्तजनों की भीड़ उमड़ रही है. राम कथा के दौरान गायक मंडली द्वारा भजन सुनाकर श्रद्धालुओं का मन भाव विभोर हो उठा। कथा सुनने पहुंचे कृपाशंकर सिंह पूर्व गृह मंत्री महाराष्ट्र, जय बाबा स्टेट सिंगरामऊ, विनय सिंह, कमलाकर मिश्र, आशीष सिंह आंसू, अभिषेक सिंह बदलापुर, हरिश्चंद्र द्विवेदी ज्योतिषी, अमित पाण्डेय, बबलू सिंह सभी आए हुए आगंतुकों का धर्मेन्द्र सिंह ने स्वागत किया।

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