एनबीडी कल्याण,
टिटवाला शहर के अशोक हॉल में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ आलोक श्यामनारायण पांडे की पुस्तक “जीवन दर्शन” का लोकार्पण समारोह बड़े ही हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर “शिक्षा, संस्कार और सत्य” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित इस पुस्तक की उपस्थित जनसमूह द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमदार ज्ञानेश्वर म्हात्रे उपस्थित रहे। साथ ही पूर्व राज्य मंत्री अमरजीत मिश्रा, पूर्व आमदार नरेन्द्र पवार, नगरसेविका श्रीमती उपेक्षा भोईर सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. शीतला प्रसाद दूबे, डॉ. विजय पण्डित, डॉ. हृदय नारायण मिश्रा, डॉ. राधेश्याम तिवारी, अनिल गलगली, संदीप शुक्ला, ओमप्रकाश पाण्डेय, नमन आई.पी. मिश्रा, रमाकान्त तिवारी, राजनारायण तिवारी, श्री संजय दूबे, बलराम मिश्र, अरुण दुबे, राजेश दुबे, अनिल उपाध्याय, भानू मिश्रा, अखिलेश मिश्रा, अनिल मिश्रा, धनंजय मिश्रा, महेन्द्र मणि पाण्डेय, श्रीकांत दूबे, अरुण शुक्ला, रतन मिश्रा, श्रीमती सीमा तिवारी, श्रीमती कविता पाण्डेय, प्रशांत भ्रामरे, गणेश सर, श्रीमती सरोज चौधरी, श्रीमती रेखा चौबे, गिरीश पाण्डेय, राजेश तिवारी, दुर्गा प्रसाद शुक्ल, जय प्रकाश तिवारी, विपिन सिंह, वृजेश पाण्डेय, रामविलास, श्रीमती लक्ष्मी चौबे, अखिलेश तिवारी, आनंद गिरी, डॉ. लक्ष्मी शंकर शुक्ल, संदीप तिवारी, संजय चौबे, श्रीमती पूर्णिमा चौबे, श्रीमती पुष्पा, राजेश पाण्डेय, श्रीमती गीता, प्रफुल दूबे, श्रीमती प्रतिभा, संतोष तिवारी, श्रीमती अनीता शुक्ला, राजेश दीक्षित, श्रीराम त्रिपाठी, अनिल पाण्डेय, जयप्रकाश शुक्ल, विष्णु दत्त तिवारी, संदीप दूबे, अरुण चौहान, गुलाब सोनैने, एस.एन. जगदाले, कृपाशंकर तिवारी, अनिल तिवारी, धीरेंद्र मिश्रा, वृजेश तिवारी, रामकुमार दूबे, एच.जी. आहेर, डॉ. कृष्णानंद पाण्डेय, परमिंदर पाण्डेय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर करीब 500 लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने इस पुस्तक विमोचन के ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का वातावरण साहित्यिक, प्रेरणादायक एवं भावनात्मक रहा, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह पुस्तक जीवन के विभिन्न आयामों को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है। पुस्तक में शिक्षा, संस्कार, सत्य,आध्यात्मिकता, धर्म, जीवन मूल्य, सफलता के सूत्र, पारिवारिक जीवन, प्रकृति, आत्मबोध, संस्कारों का महत्व, सामाजिक दायित्व एवं नैतिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार प्रस्तुत किए गए हैं।
लेखक ने अपने अनुभव एवं चिंतन के आधार पर जीवन को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए उपयोगी मार्गदर्शन दिया है। पुस्तक में शिक्षक एवं विद्यार्थी के संबंध, जीवन में अनुशासन, सत्य के महत्व, धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं, तथा मानव जीवन के उद्देश्य पर विशेष प्रकाश डाला गया है। इसके साथ ही पुस्तक में प्रेम, धैर्य, आत्मविश्वास, नारी शक्ति, भारतीय संस्कृति, त्योहारों का महत्व, तथा आध्यात्मिक उन्नति जैसे विषयों को भी विस्तार से समझाया गया है। यह पुस्तक पाठकों को न केवल प्रेरित करती है बल्कि उनके जीवन और विचारों को एक नई दिशा देने का कार्य करती है। समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों, साहित्य प्रेमियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने इस पुस्तक की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही, जिसने इस आयोजन को सफल एवं यादगार बना दिया।
