एनबीडी मुंबई ,
यात्रियों को नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद कराते हुए रमणीय कोंकण रेल-मार्ग पर यात्रियों को अपने “सादर सेवा” का अनुभव प्रदान करने के लिए मशहूर कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन ने सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए निरंतरता के साथ सक्रिय रूप से संलग्न संस्था “धरोहर” के गत शनिवार को मुंबई के मरीन लाइंस स्थित वेस्ट एंड होटल में आयोजित पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में उपस्थित महाराष्ट्र सरकार के कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने पुस्तक का लोकार्पण किया। उन्होंने कोंकण रेलवे के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संतोष कर झा से कोंकण रेलवे की विकास यात्रा एवं विभिन्न परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत साहित्य डॉ अमरीश सिन्हा की नवीनतम पुस्तक “बक्से का कोट” (काव्य संग्रह) के विमोचन का यह कार्यक्रम मुंबई एवं महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से पधारे बुद्धिजीवियों, लेखकों, आध्यात्मिक मनीषियों, निष्णात बैंक एवं बीमा कर्मियों की मौजूदगी से उल्लेखनीय तथा अविस्मरणीय बन गया। कोंकण रेलवे के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, जो एक लोकप्रिय साहित्यकार भी हैं, ने अपने संबोधन में कहा भी कि यदि खचाखच भरे सभागार में 70-80 प्रतिशत लेखक,कवि, साहित्यकार की उपस्थिति रहती है, तो कार्यक्रम नि:संदेह अनुकरणीय और ऐतिहासिक हो जाता है। उन्होंने डॉ अमरीश सिन्हा की इस अवसर पर प्रकाशित पुस्तक “बक्से का कोट” से तीन कविताएँ अपनी प्रखर शैली में सुनाई। उपस्थित सभागार ने एक स्वर में कोंकण रेलवे के सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अवदानों की सराहना की। कई श्रोताओं ने कोंकण रेलवे से अपनी यात्रा के रोचक अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में कोंकण रेलवे के राजभाषा विभाग से जुड़े कार्मिकों ने अपना अप्रतिम सहयोग दिया। इनमें सहायक उप महाप्रबंधक सदानंद चितले, प्रिया पोकले, सतीश धुरी, श्रेया, सीताराम दुबे सहित अन्य कार्मिक शामिल हैं।
“धरोहर” के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ एडवोकेट दीनानाथ तिवारी ने संतोष कुमार झा का शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। उन्होंने कोंकण रेलवे के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम का अपने विलक्षण अंदाज़ में संचालन जाने-माने एंकर व लेखक प्रिंस ग्रोवर ने किया।

