मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में मादक पदार्थों के विरुद्ध एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। महाराष्ट्र में इस अभियान को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में और अधिक मजबूती मिल रही है। ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान के मॉडल को अब पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। मुंबई सहित राज्य के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ‘नशामुक्ति मार्गदर्शन एवं परामर्श समिति’ का गठन किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
इन समितियों के माध्यम से विद्यार्थियों के बीच नशे के दुष्प्रभावों के प्रति निरंतर जनजागरण किया जाएगा। विद्यार्थियों के व्यवहार में होने वाले परिवर्तनों की समय रहते पहचान कर उन्हें आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराना, अभिभावकों एवं शिक्षकों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विशेषज्ञों के पास मार्गदर्शन हेतु संदर्भित करना भी इन समितियों की जिम्मेदारी होगी।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक देश को मादक पदार्थों से मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सभी विभागों के समन्वय से मादक पदार्थों के विरुद्ध निवारक कार्रवाई तथा व्यापक जनजागरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के अनुरूप महाराष्ट्र सरकार ने भी राज्य में नशामुक्ति अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न उपायों की शुरुआत की है। 30 जुलाई को वर्ली डोम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री लोढ़ा ने कहा कि यह केवल उद्घाटन कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षभर चलने वाला एक जनआंदोलन है। इस अभियान में विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक, स्वयंसेवी संस्थाएँ, मनोचिकित्सा विशेषज्ञ, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) तथा समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में पूरे वर्ष विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम, मार्गदर्शन सत्र, परामर्श कार्यक्रम तथा नशामुक्ति विषयक संवादात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जाएगी।
अब पूरे महाराष्ट्र में चलाया जाएगा “ड्रग्स फ्री मुंबई ”मॉडल
