महिलाओं का अपमान लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान : बाबा दुबे

जौनपुर। किसी भी स्वस्थ और प्रगतिशील लोकतंत्र की आत्मा उसके नागरिकों की समानता पर टिकी होती है। जब महिलाओं का अपमान या उनके साथ भेदभाव होता है, तो यह केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों (जैसे- स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व) का हनन होता है। महिलाओं के बढ़ते अपमान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब बदलापुर विधानसभा के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे उर्फ बाबा दुबे ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं की मान्यता वाले हिंदू धर्म में महिलाओं के अपमान की कोई जगह नहीं है।सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ की गई एक अश्लील टिप्पणी को लेकर भाजपा नेत्री सुचिता तिवारी द्वारा बदलापुर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत को जायज बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी महिला का अपमान करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके घर में भी बहू बेटियां रहती हैं। ऐसे लोगों के पास पड़ोस में रहने वाले लोगों को भी ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए।

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