मुंबई। दहिसर के वरिष्ठ समाजसेवी हरिश्याम राममूरत विश्वकर्मा का 13 अगस्त 2026 को 66 वर्ष की उम्र में आकस्मिक निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर से दहिसर सहित विश्वकर्मा समाज में शोक की लहर छा गई है। स्वर्गीय हरिश्याम राममूरत विश्वकर्मा का जन्म 6 दिसंबर 1961 को हुआ था। वे मूल रूप से भैंसा ,चंदवक केराकत जिला जौनपुर के निवासी थे। वे एक मिलनसार, सरल एवं समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। वे विश्वकर्मा हाई स्कूल के संचालक भी थे और शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे थे।उनके निधन से परिवार, समाज, मित्रों एवं शुभचिंतकों को गहरा आघात पहुंचा है। परिवार के लिए यह अत्यंत दुखद समय है। इससे पहले उनके छोटे भाई के निधन का दुख भी परिवार झेल चुका है। शोकाकुल परिवार में रवि विश्वकर्मा, भारत विश्वकर्मा, सूरज विश्वकर्मा, ऋषि विश्वकर्मा, जितेंद्र विश्वकर्मा (पप्पू) दीपू, गप्पू, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता लालता विश्वकर्मा, धनश्याम विश्वकर्मा सहित समस्त विश्वकर्मा परिवार एवं परिजन शामिल हैं। इस दुखद घड़ी में परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने वालों में समरस फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ किशोर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार शिवशंकर तिवारी, पत्रकार रोहित जायसवाल, सुरेंद्र पांडे, राजेश, संतोष मिश्रा ,आनंद मिश्रा, भैयालाल गौड़, शंकर गुप्ता, मदन गुप्ता, प्रभात मिश्रा, मानिकचंद यादव, गुरु मुकुंद शर्मा, भोला वर्मा, पूरव गांधी,रतिलाल अशोक मिश्रा, वैभव मिश्रा समेत अनेक समाजसेवी, पत्रकार, मित्र एवं शुभचिंतक शामिल हैं।
दहिसर के वरिष्ठ समाजसेवी हरिश्याम विश्वकर्मा का आकस्मिक निधन
