मुंबई। कला और संस्कृति को समर्पित अग्रणी संस्था समन्वय द्वारा मुंबई के प्रतिष्ठित भारतीय विद्या भवन में 29 अगस्ट,शनिवार को भव्य ‘तृतीय नंदोत्सव’ का गरिमामय आयोजन किया गया। इस उत्सव में देश के जाने-माने उद्योगपतियों और गणमान्य हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से मशहूर अभिनेता टीकू तलसानिया, नंदोत्सव की नीव रखने वाली प्रख्यात विचारक समाज सेवी एवं कवियेत्री डॉ. मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा, समाज सेवी उद्योगपति सुरेश चतुर्वेदी, उद्योगपति अभिषेक चतुर्वेदी,कार्यक्रम के सूत्रधार अशोक मेहता (लालू भाई), रूपा बावरी, घनश्याम एवं श्रीमती रमा पहेलाजानी, अनिल त्रिवेदी, श्रीमती अश्विनी जैन,जयेश भाई दंड, कॉलमिस्ट अलाईशा खान जैसे गणमान्य लोग शामिल हुए। डॉ. मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा ने कार्यक्रम और आयोजको की सरहना की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण देश के प्रख्यात ध्रुपद गायक पंडित सुखदेव चतुर्वेदी और उनके साथ आए 40 कलाकारों की मंच पर दी गई ध्रुपद और हवेली संगीत की भव्य प्रस्तुति रही। पंडित सुखदेव चतुर्वेदी ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं पर आधारित ‘हवेली संगीत’ के पदों और भक्तिपूर्ण भजनों की ऐसी अविरल धारा बहाई कि उपस्थित सभी रसिकजन भक्ति रस में सराबोर हो गए। उनके प्रभावशाली और विशिष्ट ‘चौमुखी गायन’ ने समूचे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्सव का शुभारंभ मंच पर उपस्थित 20 प्रतिभाशाली कलाकारों द्वारा गाए गए मधुर ‘मधुराष्टकम्’ से हुआ। इस दिव्य गायन पर विदुषी मिनीयाज्ञिक कांटावाला ने बेहद खूबसूरत और भावपूर्ण भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। पंडित सुखदेव चतुर्वेदी के साथ मंच पर सुर से सुर मिलाने में उनकी प्रतिभावान शिष्य मंडली ने भी बढ़-चढ़कर योगदान दिया। इनमें रश्मि शुक्ला, नेहल गांधी, अधिष्ठा, वरुणा, अभिषेक, पौरुषी, पीहू, पंकज और शेखर शामिल रहे, जिन्होंने अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से गायन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। कार्यक्रम में बाल कलाकार अमानी चतुर्वेदी ने ‘छोटी गोपी’ के रूप में मंच पर बेहद मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। श्रीमती जानवी जोशी ने सहज और सुसंस्कृत शैली में बेहद सुंदर मंच संचालन (एंकरिंग) किया। समन्वय संस्था की ओर से श्री लोकेश चतुर्वेदी एवं आदित्य चतुर्वेदी ने आए हुए सभी विशिष्ट अतिथियों का भावभीना स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर संस्था के मुख्य आयोजक गगन चतुर्वेदी एवं अधिष्टा चतुर्वेदी ने इस सांस्कृतिक संध्या को सफल बनाने के लिए कलाकारों, अतिथियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के प्रचार प्रसार मे निपम आशाद ने पूर्ण सहयोग दिया।
पंडित सुखदेव चतुर्वेदी के चौमुखी ध्रुपद गायन और हवेली संगीत से मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
