हरियाणा के कुरुक्षेत्र में चल रहे 1000 कुंडीय महायज्ञ के दौरान हिंसा भड़क गई। यज्ञ के आयोजक स्वामी हरि ओम दास के निजी सुरक्षाकर्मियों पर तीन लोगों को गोली मारने का आरोप लगा है। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। घायल तीनों व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
मिली जानकारी के अनुसार, महायज्ञ में शामिल हुए कुछ युवकों ने बासी भोजन परोसे जाने की शिकायत की थी, जिससे आयोजकों और श्रद्धालुओं के बीच बहस शुरू हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि यज्ञ आयोजक स्वामी हरि ओम दास के सुरक्षाकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिससे तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने कुरुक्षेत्र-कैथल रोड पर जाम लगा दिया और आयोजन स्थल के बाहर जमकर पत्थरबाजी की। बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया।
घायलों का हाल और अस्पताल में भर्ती
गोली लगने से घायल तीनों लोगों को अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल युवक आशीष तिवारी को लोकनायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई है। अन्य दो घायलों का भी इलाज जारी है, लेकिन वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात, माहौल तनावपूर्ण
घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हालात पर नियंत्रण पाने के लिए कई बार हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। हालांकि, स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बना हुआ है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
महायज्ञ का आयोजन और धार्मिक महत्व
यह 1000 कुंडीय महायज्ञ 18 मार्च से शुरू हुआ था और 27 मार्च तक चलने वाला था। आयोजन के तहत हर दिन 1,00,000 आहुतियां डाली जा रही थीं। इस महायज्ञ के आयोजक स्वामी हरि ओम दास को “यज्ञ सम्राट” के नाम से जाना जाता है। वे अब तक देशभर के 24 राज्यों में 101 महायज्ञ करवा चुके हैं और उनका लक्ष्य 108 महायज्ञ आयोजित करने का है। कुरुक्षेत्र में चल रहा यह आयोजन उनका 102वां महायज्ञ था।
इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली, मुख्यमंत्री की पत्नी सुमन सैनी और पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा समेत कई बड़े राजनीतिक और धार्मिक हस्तियां भी शामिल हो चुकी हैं।
सुरक्षाकर्मियों पर लगे गंभीर आरोप
घटना के बाद पुलिस ने महायज्ञ के आयोजकों और उनके निजी सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि फायरिंग करने वाले सुरक्षाकर्मी बिना लाइसेंस के हथियार लेकर चल रहे थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि सुरक्षाकर्मियों को हथियार रखने की अनुमति थी या नहीं।
पुलिस जांच जारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई
कुरुक्षेत्र पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो भी इस घटना के लिए दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे कोई राजनीतिक या व्यक्तिगत विवाद तो नहीं था।
फिलहाल, पुलिस ने मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
