एनबीडी मुंबई,
पवई में आयोजित 7 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महायज्ञ का समापन नवमी के अवसर पर होगा। कथा आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और प्रतिदिन भक्ति, संगीत व आध्यात्मिक संदेशों से वातावरण राममय बना हुआ है।
कथा के दौरान कथाव्यास ने सती की परीक्षा, शिव विवाह का वर्णन तथा श्रीराम कथा में शिव-पार्वती विवाह की झांकी प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा में बताया गया कि मनुष्य जीवन में भगवान का स्मरण, सत्संग और मर्यादा का पालन अत्यंत आवश्यक है। रामकथा जीवन को सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
आयोजन समिति के अनुसार श्रीराम नवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए रुक्मणी मंदिर में सम्पन्न होगी। शोभायात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी ने कहा कि “श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकता, संस्कार और मर्यादा का संदेश देने का माध्यम है। नवमी के अवसर पर आयोजित समापन समारोह और शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।”
वहीं भाष्कर दुबे ने कहा कि “इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में भक्ति, सकारात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। श्रीराम कथा महायज्ञ से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है और शोभायात्रा को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है।”
आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा व शोभायात्रा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
