एनबीडी अयोध्या,
महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह अपनी सादगी और साधारण जीवन शैली के लिए भी जाने जाते हैं। खासकर धार्मिक स्थलों पर वे आम आदमी की तरह भगवान के दरबार में पहुंचना पसंद करते हैं। अपने धर्मपत्नी मालती सिंह, पुत्र संजय सिंह के साथ कृपाशंकर ने आज अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। इसके पहले कल शाम उन्होंने सरयू आरती में भी भाग लिया। आमतौर पर गाड़ियों के लंबे काफिले तथा पुलिस प्रोटेक्शन के बीच चलने वाले कृपाशंकर सिंह आज अपनी धर्मपत्नी के साथ ऑटो में बैठकर रामलला के दर्शन करने के लिए जाते दिखाई दिए। इस बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आज उनके बेटे संजय का जन्मदिन है । ऐसे में उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ पूरी श्रद्धा और सादगी के साथ भगवान के दर्शन कर स्वस्थ और खुशहाल जीवन की प्रार्थना की। भक्ति भाव में डूबे कृपाशंकर ने कहा कि भगवान के दर्शन सरल और सहज भाव से करने के लिए मन में सच्ची श्रद्धा, विनम्रता और निस्वार्थ प्रेम का होना आवश्यक है। अहंकार रहित होकर, निश्छल मन से की गई प्रार्थना और ध्यान ही ईश्वर से संबंध जोड़ते हैं। मंदिर, मूर्ति या मन में प्रभु की छवि के समक्ष भावपूर्ण होकर दर्शन करना ही सच्चा दर्शन है।
भव्य राम मंदिर को देखकर मालती सिंह अत्यंत भावुक नजर आई। राम मंदिर बनने के बाद पहली बार वे अयोध्या पहुंची थी। दर्शन करने तक वह लगातार सीताराम सीताराम कहती रही। इसके पहले उन्होंने टेंट में भगवान श्री राम का दर्शन किया था और तब उन्होंने भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बनाने की बात कही थी। यही नहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी उन्होंने भगवान राम का मंदिर बनाने की बात कही थी।राम मंदिर निर्माण के पूर्व उन्होंने अपने परिवार की तरफ से पंच धातु की ईट भेज कर भगवान राम के प्रति अपनी आस्था और विश्वास को प्रकट किया था।
