एनबीडी जयपुर,
कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष में जयपुर ने एक अनोखा इतिहास रचा है। गुरुकुल नामक संस्था द्वारा गुरुकुल महोत्सव का आयोजन किया गया जिसके तत्वावधान में जयपुर के अलग-अलग स्थानों पर एक ही दिन में 9 कवि सम्मेलनों का आयोजन किया गया, जो कवि सम्मेलनों के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है।
इस आयोजन में देश भर से लगभग 75 प्रसिद्ध कवि और कवयित्रियों ने भाग लिया और अपनी देश भक्ति, हास्य, करुण और श्रृंगार रस से ओतप्रोत कविताओं से श्रोताओं को रस सिक्त किया।
कवि सम्मेलनों का आयोजन जयपुर के विभिन्न स्थानों पर किया गया। इंजीनियरिंग कॉलेज जे ई सी आर जिनमें सी कॉलेज में मुंबई से पधारे हास्य सम्राट सुरेश मिश्र के सफल संचालन में डॉ. काव्या मिश्रा, मनीष तिवारी, गौरीशंकर धाकड़,रमेश पांचाल, सुमित भारती, बालमुकुंद पुरोहित ने श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। इसी के साथ पाथेय कण भवन सभागार, महावीर स्कूल सभागार, रेलवे अफसर क्लब, राजस्थान चेम्बर भवन, एच डी एफ सी बैंक, अग्रवाल कॉलेज सभागार, परमार्थ सेवा संस्थान, डोगमा कंपनी मुख्यालय और एक राष्ट्रीय चैनल पर अखंड कवि सम्मेलन शामिल हैं।
इस आयोजन के संयोजक किशोर पारीक और सुरेंद्र यादवेंद्र ने बताया कि यह आयोजन कवि सम्मेलनों के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है और इसे एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता प्राप्त की गई है। यह महोत्सव 25, 26 और 27 जुलाई तीन दिनों तक चला। हास्य कवि कैलाश सोनी सार्थक को गुरुकुल के प्रमुख,छंद विशेषज्ञ गुरु सक्सेना ने ‘गुरु सक्सेना काव्य गौरव’ पुरस्कार प्रदान किया।
इस आयोजन के माध्यम से जयपुर ने एक बार फिर से अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को प्रदर्शित किया है और यह आयोजन शहर के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाने में सफल रहा है। इस महोत्सव में देश के प्रसिद्ध महाकवि करुण ओजरस के कवि विनीत चौहान, शशिकांत यादव,अजात शत्रु,अजय अंजाम,लोकेश महाकाली, जयकुमार रुसवा, डाक्टर विवेक सक्सेना, डा. शंकर सहर्ष, डा.अनीता सोनी, सपना सोनी, राष्ट्रीय संगम के जगदीश मित्तल, आर.के अग्रवाल , कैलाश मंडेला, केशरदेव मारवाड़ी सहित पचहत्तर से अधिक छंद साधक उपस्थित थे।
