एनबीडी मुंबई,
नालासोपारा स्थित आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज में आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. श्यामसुंदर शर्मा द्वारा लिखित सरल भगवद्गीता “चिरायु गीता” का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरी की पूजा-अर्चना, स्तवन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक माहौल में पुस्तक का लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कामेश्वर दुबे रहे, जो भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारी हैं और वर्तमान में भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के ईएसआईसी में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में संतोष, सफलता और संतुलन प्राप्त करने के लिए भगवद्गीता के सिद्धांतों को जीवन में अपनाना बेहद आवश्यक है।
महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश दुबे ने डॉ. श्यामसुंदर शर्मा को इस महत्वपूर्ण पुस्तक के लिए बधाई देते हुए कहा कि आयुर्वेदिक विशेषज्ञ द्वारा लिखी गई सरल श्रीमद्भगवद्गीता “चिरायु गीता” समाज के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक है। उन्होंने कहा कि हमारे महाविद्यालय में इस पुस्तक का प्रकाशन होना गर्व और सौभाग्य की बात है।
संस्था की विश्वस्त डॉ. ऋजुता दुबे ने कहा कि भगवद्गीता जीवन का सार है और हर व्यक्ति को इसके ज्ञान को समझना और अपनाना चाहिए। वहीं पुस्तक के लेखक डॉ. श्यामसुंदर शर्मा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी गीता पढ़ने के प्रति उदासीन होती जा रही है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जीवन में सच्चा आनंद प्राप्त करने के लिए मनुष्य को दुख के क्षणों में भी सकारात्मकता और आनंद खोजने की कला सीखनी चाहिए।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. हेमलता शेंडे, लेखक के परिजन श्री जयप्रकाश जोशी सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पूनम बेहेरे ने किया।
