अधिवक्ता संतोष दुबे ने कहा-मझगाँव अदालत का अहम फैसला, 17 फरवरी तक रिपोर्ट तलब
एनबीडी मुंबई,
मुंबई की माननीय 25वीं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC), मज़गांव अदालत ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेताओं के विरुद्ध दायर एक गंभीर आपराधिक शिकायत में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए भांडुप पुलिस स्टेशन को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 202 के अंतर्गत जाँच करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने पुलिस को आदेश दिया है कि वह अपनी जाँच रिपोर्ट 17 फरवरी 2026 तक प्रस्तुत करे। तब तक आरोपियों के विरुद्ध प्रक्रिया जारी नहीं की जाएगी।

यह आदेश समन्स केस संख्या SS/2500649/2024 (CNR नंबर MHMM120194472024) में पारित किया गया है। शिकायतकर्ता भांडुप (पश्चिम) निवासी श्री वशिष्ठ नारायण बाबन चौधरी हैं। आरोपियों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी, पार्टी अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता श्री डी. के. शिवकुमार तथा श्री सिद्धारमैया शामिल हैं।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी चुनावी घोषणापत्र में सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह घोषणा असत्य, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण थी, क्योंकि किसी भी संगठन पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार केवल केंद्र सरकार को है। आरोप है कि बजरंग दल को प्रतिबंधित संगठन PFI के समकक्ष दिखाकर उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया गया।
अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए निष्पक्ष जाँच आवश्यक बताई है। मामले में शिकायतकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता संतोष दुबे ने कहा, “यह आदेश कानून के शासन में विश्वास को मजबूत करता है। चुनावी लाभ के लिए किसी संगठन की छवि धूमिल करना गंभीर अपराध है। हमें विश्वास है कि जाँच में सत्य सामने आएगा।”
यह मामला राजनीतिक घोषणापत्रों की संवैधानिक सीमाओं, राजनीतिक जवाबदेही और कानून के समक्ष समानता से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को उजागर करता है। अदालत ने अगली सुनवाई 17 फरवरी 2026 तय की है, जिसमें पुलिस की जाँच रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा।
