मृत्यु भोज को लेकर कृपाशंकर की पहल को आगे बढ़ाने की नितांत आवश्यकता
– चित्रसेन सिंह, उद्योगपति तथा वरिष्ठ समाजसेवी जौनपुर। समाज में सुधार के लिए शिक्षा, सामाजिक न्याय, जागरूकता, स्वच्छता, और सामूहिक सहभागिता जैसी चीजें आवश्यक होती हैं। सदियों से हमारी परंपरा का अंग रहा मृत्यु भोज अब धीरे-धीरे स्टेटस सैंबल बन चुका है। मात्र 13 ब्राह्मणों को सम्मान के साथ खिलानेवाली तेरही ,अब पूरी तरह से…
