शिक्षक हमारे चरित्र, संस्कार और व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं : बीपी त्रिपाठी

नारायण ज्ञान धाम में शिक्षक दिवस पर गुरुजनों का सम्मान

सुल्तानपुर। शिक्षक हमारे जीवन के सच्चे मार्गदर्शक और पथप्रदर्शक होते हैं, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। शिक्षक केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि हमारे चरित्र, संस्कार और व्यक्तित्व का निर्माण भी करते हैं। सुल्तानपुर जनपद के बीबीपुर स्थित सुप्रसिद्ध नारायण ज्ञान धाम में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में बोलते हुए कार्यक्रम के संयोजक तथा पूर्व पुलिस महानिरीक्षक बीपी त्रिपाठी ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि एक अच्छा शिक्षक हमें सही और गलत की पहचान करना सिखाता है। शिक्षक ही छात्रों के अंदर अनुशासन, ईमानदारी और कठिन परिश्रम के गुण विकसित करते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। बच्चों द्वारा पूर्व दिए गए विषयों पर स्पीच दिया गया। विजेता और उपविजेता बच्चों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा सुशील कुमार पाण्डेय, विभागाध्यक्ष संस्कृत सन्त तुलसीदास पीजी कालेज कादीपुर ने की।
मुख्य अतिथि के रूप में डा इन्दुशेखर उपाध्याय पूर्व प्राचार्य सन्त तुलसीदास पीजी कालेज उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उदयभान सिंह, डा रंजीत सिंह, पंडित रामपाल मिश्र,महाराष्ट्र के सेवानिवृत शिक्षक और पत्रकार शिवपूजन पांडे, राज्य पुरस्कृत प्रधानाध्यापिका डॉ विभा शुक्ला, प्रवक्ता डॉ. अरविंद दुबे, आदर्श शिक्षिका सुदामा देवी, डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, जितेंद्र कुमार उपाध्याय, राम प्रसाद सिंह, बृजेश यादव डा अवधेश मिश्रा, अखिलेश चौधरी, विजय उपाध्याय, मुस्ताक अहमद, अभिषेक जयसवाल, ऋषिदेव मिश्र उपस्थित रहे। श्री त्रिपाठी ने समस्त लोगों का अंग वस्त्र,उपहार और माल्यार्पण से सम्मान किया। इस अवसर पर अन्य लोगों में वरिष्ठ समाजसेवी रामजी उपाध्याय, विजय पांडे समेत भारी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में बीपी त्रिपाठी ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Share

Copyright ©2025 Navbharat Darpan .Designed By Mindcraft Infotech

navbharat darpan logo