प्रतापगढ़
जिले में कोहंडौर हरिहरा बाबा के समीप स्थित जे०डी० शिक्षा ग्राम के तहत संचालित ज्योतिरादित्य इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी कोहडौर को फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया, नई दिल्ली से मास्टर ऑफ़ फार्मेसी (M.Pharm) और डॉक्टर ऑफ फार्मेसी (Pharma. D) जैसे दो नए कोर्स की मान्यता मिल गई है। अब इन कोर्सों के लिए छात्रों को बाहर का रुख नहीं करना पड़ेगा। छात्र एवं छात्राएं जिले में ही उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे| मास्टर ऑफ फार्मेसी के प्रमुख विषयों में जैसे फार्मास्यूटिकल केमेस्ट्री, फार्मास्यूटिक्स, फार्मोकोलॉजी और फार्माकोग्नोसी में मास्टर्स की डिग्री यहां से छात्र-छात्राएं प्राप्त कर सकेंगे। इस संबंध में जे० डी० शिक्षा ग्राम के अध्यक्ष दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि अब छात्रों को मास्टर डिग्री करने और रिसर्च करने में सहायता मिलेगी।संस्थान के प्राचार्य डॉ० एच० एस० चौरसिया के अनुसार महाविद्यालय में पठन-पाठन के अच्छे माहौल के कारण ही यहां के छात्र सफलता अर्जित कर रहे हैं। विद्यालय को इन दो पाठ्यक्रमों की बहु प्रतीक्षित मान्यता मिल जाने से विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं में खुशी का माहौल है।
ज्ञातव्य है कि मुंबई के उद्योगपति और समाजसेवी दिनेश त्रिपाठी ने एजुकेशन फॉर ऑल की संकल्पना के साथ वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद स्थित कोहंडौर में राष्ट्रीय राजमार्ग के ठीक बगल जेडी शिक्षा ग्राम की स्थापना की। 43 एकड़ क्षेत्र में फैला यह शैक्षणिक संस्थान आज पूरी तरह से एजुकेशनल हब के रूप में तब्दील हो चुका है। फार्मेसी, इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, मेडिकल, लाइफ साइंस से लेकर आर्ट्स ,साइंस ,कॉमर्स, लॉ कॉलेज, प्री प्राइमरी, प्राइमरी, लिबरल साइंस जैसे अनेक स्कूल और कॉलेज एक ही कैंपस में संचालित किया जा रहे हैं। दिनेश त्रिपाठी के अनुसार भारत गांवों का देश है। कहते हैं कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। यही कारण है कि उन्होंने ग्रामीण शिक्षा को प्रभावशाली और गतिशील बनाने की दिशा में इसकी स्थापना की। उन्होंने कहा कि जेडी शिक्षा ग्राम विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए संकल्पित है। यही कारण है कि यहां अच्छे और प्रभावशाली शिक्षक रखे गए हैं। यहां पर इंडियन मेडिसिन (आयुष) फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स अकैडमी, वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंडरी, एग्रीकल्चर साइंस, सॉफ्ट स्किल्स, स्पिरिचुअल हीलिंग जैसे पाठ्यक्रमों के भी सुविधा है। 4000 से अधिक विद्यार्थी यहां शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रिंसिपल्स के अलावा करीब डेढ़ सौ शिक्षक तथा 50 शिक्षणेत्तर कर्मचारी यहां कार्यरत हैं। यहां का वाचनालय, प्रयोगशालाएं देखने लायक है।
