एनबीडी मुंबई ,
पालक मंत्री मा. आ. आशिष शेलार जी से मुलाकात के दौरान समाजसेवी मनीष तिवारी ने आर्थिक रूप से कमजोर झोपड़पट्टीवासियों के लिए SRA के 2.5 लाख रुपये शुल्क को पूर्णत: माफ करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000–2011 के पात्र झोपड़पट्टीधारकों में अधिकांश लोग घरकाम करने वाले, फेरीवाले, मजदूर और रोज़ंदारी पर काम करने वाले हैं, जिनकी आय बहुत सीमित है। ऐसे नागरिकों के लिए 2.5 लाख रुपये जमा करना लगभग असंभव है, जिससे कई लोग अपने हक़ के घर से वंचित हो सकते हैं।
मनीष तिवारी ने कहा, “सरकार का उद्देश्य गरीबों को उनका हक़ देना है, न कि आर्थिक बोझ डालकर उन्हें योजनाओं से दूर करना। इसलिए कमजोर लाभार्थियों के लिए यह शुल्क पूरी तरह माफ कर उन्हें पुनर्वसन योजना के तहत नि:शुल्क घर दिए जाएं।”
उन्होंने मंत्रीजी से इस मांग को तत्परता से विचारात घेऊन गरीब नागरिकांना दिलासा देण्याची विनंती केली।
