नुक्कड़ नाटक और सिग्नेचर अभियान से फैलाई जागरूकता
मुलुंड, मुंबई:
धारावी के लोगों को मुलुंड में जबरन विस्थापित किए जाने के खिलाफ कांग्रेस का विरोध अब भूख हड़ताल तक पहुंच चुका है। शुक्रवार को मुलुंड (पूर्व) में महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता राकेश शेट्टी के नेतृत्व में एक दिवसीय भूख हड़ताल, धरना प्रदर्शन, सिग्नेचर कैंपेन और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से राज्य सरकार के फैसले पर तीखा विरोध दर्ज किया गया।

इस जनांदोलन में धारावी की विधायिका ज्योति गायकवाड़ और पूर्व विधायक रमेश कोरगांवकर ने भी भाग लिया। गायकवाड़ ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह धारावीवासियों को उनकी मर्जी के खिलाफ मुलुंड में बसाने की तैयारी कर चुकी है, जबकि स्थानीय लोग न तो धारावी छोड़ना चाहते हैं और न ही मुलुंड की जनता उन्हें यहां बसाना चाहती है।
राकेश शेट्टी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार अदानी समूह के हित में काम कर रही है। उन्होंने भाजपा के स्थानीय नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो लोग पहले मुलुंड की एक इंच ज़मीन भी किसी बाहरी को न देने की कसमें खा रहे थे, वही अब सरकार में रहकर धारावी के विस्थापन को अंजाम दे रहे हैं।
शेट्टी ने कहा, “हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन यह विकास नहीं विनाश है। यदि पीएपी (प्रोजेक्ट अफेक्टेड पर्सन्स) के लिए पुनर्वास करना है तो सरकार कोई अन्य विकल्प तलाशे।”
धरने के दौरान सैकड़ों नागरिकों ने हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया। नुक्कड़ नाटकों और भजन मंडलियों ने व्यंग्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के ज़रिए आम जनता को सरकार की योजनाओं के खतरे से आगाह किया। यह सिर्फ भूख हड़ताल नहीं, यह जनता की चेतावनी है ।
